थाली
रोटी, दाल, सब्ज़ी, चावल और साथ में अचार: भोजनालय की भरी हुई थाली और टिफ़िन वाली दीदी का रोज़ बदलता मेन्यू, दफ़्तर के लंच वाले दाम पर। सारे रेस्टोरेंट काल्पनिक हैं: न कोई पैसा लगता है, न कुछ डिलीवर होता है।
सात्विकबिना प्याज़-लहसुन की सात्विक थाली: मोटे अनाज, ऑर्गैनिक सब्ज़ियाँ और घी, कम मसाले में।
धोरां री थालीरेगिस्तान की रसोई: दाल बाटी चूरमा, केर सांगरी, गट्टे और तीखा लाल मांस।
राजसी थालचाँदी जैसी बड़ी थाल में 30 से ज़्यादा कटोरियाँ: दावत वाला खाना, घर पर।
गोंगूरा आंध्रा मील्सतीखे आंध्रा मील्स: गरम चावल पर घी, पप्पू, आवकाया और खट्टी गोंगूरा।
टिफ़िन वाली दीदीघर की रसोई से आया खाना: कम तेल, रोज़ बदलता मेन्यू, दफ़्तर वालों का भरोसा।
दावत-ए-अवधअवधी दस्तरख़्वान की थाली: गलौटी, कोरमा, निहारी और शीरमाल, दम पर पका हुआ।
मछली भात घरबंगाली घर का दोपहर का खाना: सरसों वाली मछली, गरम भात, शुक्तो और मिष्टी दोई।
कस्तूरी गुजराती थालीखट्टी-मीठी गुजराती थाली: फ़रसाण, कढ़ी, दाल ढोकली और श्रीखंड, पूरी तरह शाकाहारी।
केले का पत्ताकेले के पत्ते पर परोसे जाने वाले दक्षिण भारतीय मील्स: सांभर, रसम, पोरियल और पायसम।
पहलवान नॉन-वेज थालीपंजाबी ढाबे की भारी नॉन-वेज थाली: देसी मटन, तंदूरी चिकन और मक्खन वाली नान।
शर्मा जी का भोजनालयचालीस साल पुराना ढाबा-स्टाइल भोजनालय: तवा रोटी, तड़के वाली दाल और भरी हुई थाली।
मिनी थाली एक्सप्रेसदफ़्तर की लंच ब्रेक के लिए: 15 मिनट में छोटी, पूरी और गरम थाली।
ख़ास डिशेज़
- सब्ज़ी, करी और थाली
- चावल और पुलाव
- राइस बाउल और खिचड़ी
- कोल्ड ड्रिंक
- रोटी, नान और ब्रेड
- चाय और आइस्ड टी
- जूस
- शिकंजी और नींबू पानी